मेरे बांके बिहारी ने बुलाया चली मैं वृंदावन को चली – कृष्ण भजन लिरिक्स
मुझे बांके बिहारी ने बुलाया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली
मोर मुकुट माथे तिलक विराजे गल वैजयंती माला साजे कल रात मेरे सपने में आया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली
मुझे बांके बिहारी ने बुलाया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली
जग वालो मेरा रास्ता ना रोको जाने दो मेरी राह न रोको इस दुनिया से दिल भर आया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली
मुझे बांके बिहारी ने बुलाया नंदलाल का संदेशा आया चली में वृंदावन को चली
मेरे मन की यह अभिलाषा मुझको श्याम मिलन की आशा श्याम प्यारा मेरे मन को भाया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली
मुझे बांके बिहारी ने बुलाया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली
मैं तो हो गई श्याम दीवानी दिन राती में रहूं मस्तानी ऐसा कान्हा ने चक्कर चलाया नंदलालमुझे बांके बिहारी ने बुलाया नंदलाल का संदेशा आया चली मैं वृंदावन को चली

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